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अल्लामा ताजवर नजीबाबादी
Allama Tajvar Nazibabadi
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अल्लामा ताजवर नजीबाबादी

अल्लामा ताजवर नजीबाबादी (02 मई 1893-30 जनवरी 1951) का जन्म नैनीताल में हुआ। उनका पैतृक स्थान नजीबाबाद (उ.प्र.) था। वह शायर, अदीब, पत्रकार और शिक्षाविद थे। फ़ारसी व अरबी की आरम्भिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद दारुलउलूम देवबंद से दर्से निज़ामिया की शिक्षा पूरी की। 1915 में पंजाब यूनिवर्सिटी से मौलवी फ़ाज़िल और मुंशी फ़ाज़िल के इम्तेहान पास किये। 1921 में दयालसिंह कालेज लाहौर में फ़ारसी और उर्दू के शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए। उन्होंने ‘हुमायूँ’ और ‘मख्ज़न’ पत्रिकाओं में काम किया और ‘अदबी दुनिया’ और ‘शाहकार’ पत्रिकाएँ जारी कीं। उन्होंने ‘उर्दू मरकज़’ के नाम से संकलन एवं सम्पादन की एक संस्था भी स्थापित की।

अल्लामा ताजवर नजीबाबादी हिन्दी कविता

बम चख़ है अपनी शाहे रईयत पनाह से
ऐ आरज़ू-ए-शौक़ तुझे कुछ ख़बर है आज
ग़म-ए-मोहब्बत में दिल के दाग़ों से रू-कश-ए-लाला-ज़ार हूँ मैं
मोहब्बत में ज़बाँ को मैं नवा-संज-ए-फ़ुग़ाँ कर लूँ
मोहब्बत में ज़ियाँ-कारी मुराद-ए-दिल न बन जाए
हश्र में फिर वही नक़्शा नज़र आता है मुझे
हुस्न-ए-शोख़-चश्म में नाम को वफ़ा नहीं
 
 
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