बाबा शेख फ़रीद जी की संपूर्ण वाणी (Baba Sheikh Farid Ji)

फ़रीद-उद्-दीन मसूद गंजशकर (११७३–१२६६) को आम लोग बाबा शेख फ़रीद या बाबा फ़रीद के नाम के साथ याद करते हैं। वह बारहवीं सदी के चिशती सिलसिले के सूफ़ी संत और प्रचारक थे। उनका जन्म मुलतान (पाकिस्तान) से दस किलोमीटर दूर गाँव कोठीवाल में हुआ । उनके के पिता जी जमाल-उद्- दीन सुलेमान और माता जी मरियम बीबी (करसुम बीबी) थे। उन को पंजाबी बोली के आदि कवि के तौर पर जाना जाता है। उन की रचना श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी दर्ज है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में उन के चार शब्द और ११२ श्लोक हैं। उन की वाणी की ईश्वर मिलने की इच्छा, नम्रता, सादगी और मिठास, उन को सब लोगों में आदर योग्य और हरमन प्यारा बनाती है।

बाबा शेख फ़रीद जी कवि

बाबा शेख फ़रीद जी की रचनाएँ

Farid in Hindi

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