Rasool Hamzatov / Rasul Gamzatov | रसूल हमज़ातोव
रसूल हमज़ातोव / गमज़ातोव (8 सितम्बर 1923 - 3 नवंबर 2003) का जन्म उत्तर-पूर्वी काकेसस के एक अवार गाँव तसादा में हुआ। उनके पिता हमज़ात तसादासा एक अवार लोक कवि थे। रसूल हमज़ातोव अवार भाषा के जाने-माने कवियों में गिने जाते हैं।
उनकी प्रसिद्ध कविता 'ज़ुरावली' (Zuravli) पूरे रूस में गाई जाती है। उन्हें 1952 में 'द स्टेट स्टालिन प्राइस', 1963 में 'द लेनिन प्राइस' और 1981 में 'लॉरेट ऑफ द इंटरनेशनल बोतेव प्राइस' से सम्मानित किया गया। हिंदी साहित्य में वे अपनी प्रसिद्ध गद्य-काव्य रचना 'मेरा दागिस्तान' (Mera Daghestan) के लिए अत्यंत लोकप्रिय हैं।
